CAA समेत 200 से अधिक जनहित याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जानें पूरा अपडेट : การพิจารณาคดีในศาลฎีกาในวันนี้ มากกว่า 200 PILs รวมถึง CAA อัพเดท

संशोधितानून, सिख, बौद, ईसाई, जैनासीायों-मुसक, दिसंब, को

สำนักข่าวเนชั่น | แก้ไขโดย : Vijay Shankar | อัพเดทเมื่อ: 12 ก.ย. 2565, 09:26:27 น.

ศาลสูง

ศาลฎีกา (เครดิตภาพ: ไฟล์)

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सुप्रीम कोर्ट (ศาลฎีกา) सोमवार को विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चनौतीवार्ट अधिनिनिम की संवैधानिक वैधता को चनौतीवारु संशोधन) กฤษฎีกา इंडियनบางที (caa) केाफाचिकाओंासमूह, नLalदLalदLalit) मुखायบางที

संशोधितानून, सिख, बौद, ईसाई, जैनासीायों-मुसक, दिसंब, को शीर्ष अदालत ने 18 วัน, 2019 को याचिकाओं के बैच की सुनवाई करेते हुए नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सिनकइरारता (संशोधन) अधिनियम (सिनकइरारता (संशोधन) โรงพยาบาล हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया था.

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शीालत 2020. याचिकाकर्ताओं में से एक इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने कहा कि यह अधिनियम मौलिक समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है और धर्म के आधार पर बहिष्कार करके अवैध अप्रवासियों के एक वर्ग को नागरिकता प्रदान करने का इरादा रखता है. याचिकामें कानून के संचालन पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई है

कांग्रेस नेता जयराम रमेश द्वारा दायर एक अन्य याचिका में अधिनियम को संविधान के तहत परिकल्पित मूल मौलिक अधिकारों पर एक खुला हमला करार दिया और कहा कि यह बराबरी के साथ असमानता के रूप में व्यवहार करता है”. राजद नेता मनोज झा, तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइताऔाअसदुद, मुस, उलम, ए, ऑल, िह, िह, िह, िह, िह, िह, की गई हैं जिन्होंने इस अधिनियम को चुनौती ดีดี थी.






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เผยแพร่ครั้งแรก : 12 ก.ย. 2565, 09:26:27 น.



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